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Children suffer from obesity risk if they suffer from nutritional deficiency in diet during pregnancy | प्रेग्नेंसी में पोषक तत्वों की कमी होने पर बच्चों में मोटापे का खतरा ज्यादा, इन बातों का रखें ध्यान

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एक घंटा पहले

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गर्भवती महिलाओं पर हुई हालिया रिसर्च चौंकाने वाली है। अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान अगर मां का खानपान पौष्टिक नहीं है तो भविष्य में इसका असर बच्चे पर दिखता है। ऐसे बच्चों में फैट की अधिक मात्रा पाई जाती है और मोटापे का खतरा बढ़ता है। यह दावा आयरलैंड के यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन ने किया है।

बचपन में मोटापा और बड़े होने पर डायबिटीज का खतरा
शोधकर्ता कहते हैं, प्रेग्नेंसी के दौरान जिन महिलाओं ने खानपान में पर्याप्त पोषक तत्वों लिए उनके बच्चों में मोटापा नहीं दिखा। फैट का स्तर भी कम रहा। रिसर्चर लींग-वे चेन के मुताबिक, बच्चों में बचपन से ही मोटापा बढ़ता है तो उनमें आगे चलकर कई बीमारियां होने की आशंका रहती है, जैसे- टाइप-2 डायबिटीज।

रिसर्च में 16,295 मांओं और उनके बच्चों का डाटा शामिल किया गया है। इनमें आयरलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स और पोलैंड के मामले भी शामिल हैं। रिसर्च में शामिल मांओं की औसत उम्र 30 साल थी। माओं ने प्रेग्नेंसी से पहले और प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाया, इस पर नजर रखी गई।

गर्भवती महिला का खानपान ऐसा होना चाहिए

एक्सपर्ट्स कहते हैं, प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड और विटामिंस की कमी नहीं होनी चाहिए। खाने में मौसमी फल और सब्जियों से इनकी कमी पूरी की जा सकती है। जानिए, गर्भवती महिलाओं को डाइट में कौन सी चीजें शामिल करनी चाहिए….

ये 5 बातें हमेशा ध्यान रखें

  • अगर प्रेग्नेंट हैं तो मॉर्निंग वॉक और योग जैसी हल्की एक्सरसाइज कर सकती हैं। इस दौरान भारी वजन न उठाएं। ध्यान रखें अगर आपको अस्थमा, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, ब्लीडिंग या अन्य समस्याएं हैं तो एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • अक्सर पहली डिलीवरी के दौरान कई दिक्कतें सामने आती हैं जैसे ब्लड में हीमोग्लोबिन की कमी, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, किडनी से जुड़ी समस्या आदि। इसलिए प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
  • ब्लड में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य (10-12) से कम होने पर एनीमिया की शिकायत होती है। आयरनयुक्त चीजों को भोजन में शामिल कर इसे सामान्य बनाया जा सकता है।
  • स्वस्थ इंसान का ब्लड प्रेशर 140/90 होना चाहिए। अगर इसमें मामूली उतार-चढ़ाव हो तो तनाव से दूर रहें और खानपान का ध्यान ररखें। फिर भी कंट्रोल न होने पर डॉक्टरी सलाह लें।
  • ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और दूसरी सामान्य जांचें प्रेग्नेंसी से पहले करानी जरूरी हैं। ऐसे में अगर कोई दिक्कत सामने आती है तो डॉक्टर के बताए मुताबिक एहतियात बरतें।

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