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income tax refund ; tax refund ; income tax ; Income tax department issued tax refund of Rs 1.25 lakh crore to 38.23 lakh taxpayers | आयकर विभाग ने 38.23 लाख टैक्सपेयर्स को जारी किया 1.25 लाख करोड़ रुपए का टैक्स रिफंड

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  • Income Tax Refund ; Tax Refund ; Income Tax ; Income Tax Department Issued Tax Refund Of Rs 1.25 Lakh Crore To 38.23 Lakh Taxpayers

नई दिल्ली4 मिनट पहले

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33,870 करोड़ रुपए का पर्सनल इनकम टैक्स रिफंड और 91,599 करोड़ रुपए कंपनी टैक्स का रिफंड किया जा चुका है

  • विभाग ने एक अप्रैल से 20 अक्टूबर तक ये रिफंड जारी किया है
  • 29 सितंबर तक 33 लाख से अधिक करदाताओं को 1.18 लाख करोड़ का रिफंड जारी किया था

आयकर विभाग ने बुधवार को कहा कि विभाग ने एक अप्रैल से 20 अक्टूबर तक 38.23 लाख से अधिक करदाताओं को 1.25 लाख करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया है। इस दौरान 33,870 करोड़ रुपए का पर्सनल इनकम टैक्स रिफंड (पीआईटी) और 91,599 करोड़ रुपए का कंपनी टैक्स रिफंड किया गया है।

तेजी से चल रहा रिफंड लौटने का काम
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि उसने 38.23 लाख से अधिक करदाताओं को इस वित्त वर्ष में 20 अक्टूबर तक 1,25,470 करोड़ रुपए से ज्यादा का रिफंड जारी किया है। इससे पहले 29 सितंबर तक 33 लाख से अधिक करदाताओं को 1.18 लाख करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया था। इस दौरान 31.75 लाख टैक्सपेयर्स को 32,230 करोड़ रुपए का पर्सनल इनकम टैक्स रिफंड (पीआईटी) और 1.74 लाख टैक्सपेयर्स को 86,094 करोड़ रुपए कंपनी टैक्स का रिफंड किया गया था।

इस तरह चेक कर सकते हैं अपने रिफंड का स्टेटस

  • करदाता https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर जा सकते हैं।
  • रिफंड स्टेटस पता लगाने के लिए यहां दो जानकारी भरने की जरूरत है – पैन नंबर और जिस साल का रिफंड बाकी है वह साल भरिए।
  • अब आपको नीचे दिए गए कैप्चा कोड को भरना होगा।
  • इसके बाद Proceed पर क्लिक करते ही स्टेटस आ जाएगा।
  • इसके अलावा टैक्सपेयर इनकम टैक्स पोर्टल में अपने इनकम टैक्स खाते में लॉग इन करें।
  • लॉग इन करने के बाद माय अकाउंट्स> रिफंड/डिमांड स्टेटस पर क्लिक करें।
  • इसके बाद वह असेसमेंट ईयर भरें जिसका आपको रिफंड स्टेट चेक करना है।

क्या होता है रिफंड?
कंपनी अपने कर्मचारियों को सालभर वेतन देने के दौरान उसके वेतन में से टैक्स का अनुमानित हिस्सा काटकर पहले ही सरकार के खाते में जमा कर देती है। कर्मचारी साल के आखिर में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं, जिसमें वे बताते हैं कि टैक्स के रूप में उनकी तरफ से कितनी देनदारी है। यदि वास्तविक देनदारी पहले काट लिए गए टैक्स की रकम से कम है, तो शेष राशि रिफंड के रूप में कर्मचारी को मिलती है।

वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 30 नवंबर तक दाखिल कर सकते हैं आईटीआर
कोरोना काल में केंद्र सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न भरने की डेडलाइन को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है। इससे पहले इसकी आखिरी तारीख 30 सितंबर तय की गई थी। इससे पहले आयकर विभाग ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की तारीख आगे बढ़ा दी थी। टैक्सपेयर्स 30 नवंबर 2020 तक ITR फाइल कर सकेंगे।



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