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Pakistan fail to fulfil six key obligations of the FATF, no action against terrorists Maulana Masood Azhar and Hafiz Saeed | एफएटीएफ की 6 अहम शर्तें पूरा करने में नाकाम रहा पाकिस्तान; मसूद अजहर और हाफिज सईद के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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एफएटीएफ ने पाकिस्तान को मोस्ट वांटेड आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए थे। इमरान खान सरकार ऐसा करने में असफल रही है। -फाइल फोटो

पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की 6 अहम शर्तें पूरा करने में नाकाम रहा है। ऐसे में एफएटीएफ उसके खिलाफ एक्शन ले सकती है। संस्था की ओर से पाकिस्तान को छह जरूरी नोट सौंपे गए थे, जिनमें भारत के दो वांटेड आतंकी मसूद अजहर और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बातें शामिल थीं।

अधिकारियों के मुताबिक, आधिकारिक सूची से 4,000 से ज्यादा आतंकवादियों के नाम अचानक गायब होने से भी पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में ही बने रहने की संभावना बढ़ गई है। एफएटीएफ की 21 से 23 अक्टूबर को वर्चुअल मीटिंग होगी, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ लड़ाई में ग्लोबल कमिटमेंट और मानकों को पूरा करने में पाकिस्तान के रवैये को लेकर समीक्षा की जाएगी। इसके बाद उसके ग्रे लिस्ट में बनाए रखने या हटाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

पाकिस्तान ने 27 में से 21 टास्क ही पूरे किए

एक अधिकारी ने बताया कि एफएटीएफ ने पाकिस्तान को टेरर फंडिंग पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए कुल 27 सूत्रीय एक्शन प्लान सौंपा था। इनमें से अब तक उसने 21 को पूरा कर लिया है, जबकि कुछ टास्क करने में नाकाम रहा है। जिन टास्क को पूरा करने में पाकिस्तान नाकाम रहा है, उनमें जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर, लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद और संगठन के ऑपरेशनल कमांडर जाकिर उर रहमान लखवी जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित सभी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है।

अमेरिका और ब्रिटेन भी पाकिस्तान से संतुष्ट नहीं

इसके अलावा चार नॉमिनेटिंग कंट्री- अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी भी पाकिस्तान के सक्रिय आतंकी समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता से संतुष्ट नहीं हैं। अजहर, सईद और लखवी 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों और पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर बम धमाके समेत कई हमलों में शामिल रहा है। तीनों भारत में सबसे वांटेड आतंकी हैं।

तो पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है
टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया था। संस्था ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट से बचने के लिए 27 सूत्रीय एक्शन प्लान सौंपा था। अगर पाकिस्तान इस प्लान पर ठीक से काम नहीं करता है तो संस्था उसे ब्लैक लिस्ट कर सकती है।

हाफिज सईद को सजा हुई, मसूद लापता हो गया था

पाकिस्तान में लाहौर की एक अदालत ने जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को फरवरी 2020 में टेरर फंडिंग के दो मामले में दोषी पाया था। कोर्ट ने दोनों मामलों में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल की कैद की सजा सुनाई थी। इसके पांच दिन बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान आर्मी की कैद से लापता हो गया है।

एफएटीएफ ने फरवरी में पाकिस्तान को चेतावनी दी थी
एफएटीएफ ने फरवरी में पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा था, “आतंकी फंड जुटाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए नए फॉलोवर्स की पहचान कर रहे हैं और अपनी फंडिंग और अन्य सुविधाएं जुटाने के रास्ते बना रहे हैं। एफएटीएफ ने टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए कड़े मानक लागू किए हैं ताकि आतंकी संगठनों के पैसे जुटाने पर असर पड़े।”

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